Archive for January 30, 2008
बस यूँ ही लिख दिया
लिखा जो कुछ भी मैने कभी
बस यूँ ही लिख दिया
विचारों को अपने किसी तरह्
कागज़ पर बिखेर दिया ।
लेखनी ने नहीं दिया साथ कभी
रफ्तार को मन की ना पकड़ पायी वो
बह् निकले गुबार यूँ ही कहीं
ना पा सके आकार वो शब्दों का “मही”
Add comment January 30, 2008